किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 3 नवंबर को फल चौक के पास मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण करके खड़े ठेलों और स्थायी शेडों को बुलडोजर से हटा दिया गया। यह कार्रवाई नगर परिषद की टीम द्वारा की गई, जिससे आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि फल चौक के आसपास अवैध कब्जों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है और जाम की समस्या गंभीर हो गई है।
नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पहले अतिक्रमणकारियों को कई बार नोटिस दिया गया था और स्वयं हटने का मौका दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अतिक्रमण हटाने का फैसला किया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारू होगा और फुटपाथ पर चलना आसान हो जाएगा।
हालांकि, कुछ अतिक्रमणकारियों ने अपनी आजीविका छिनने की शिकायत की। उनका कहना है कि उन्हें पहले कोई उचित विकल्प नहीं दिया गया। नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और शहर की सुंदरता व सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और किसी भी कीमत पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से पहले फल चौक क्षेत्र में ठेलों और शेडों की भरमार थी, जिससे मुख्य सड़क संकरी हो गई थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं को भी अक्सर जाम का सामना करना पड़ता था। नगर परिषद ने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क की सफाई और मरम्मत का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा। व्यापारियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही अपनी दुकानें लगाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है, जिससे यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा पर असर पड़ता है। किशनगंज नगर परिषद का यह कदम अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि किसी भी अवैध निर्माण की सूचना तुरंत दी जाए। आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के अभियान चलाए जा सकते हैं।